
नई दिल्ली। जोमैटो और ब्लिंकिट जैसी प्रमुख कंपनियों का संचालन करने वाली इटरनल ग्रुप के सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। उनकी जगह ब्लिंकिट के मौजूदा सीईओ अलबिंदर ढींढसा कंपनी की बागडोर संभालेंगे। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, गोयल का इस्तीफा 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा।
शेयरधारकों को लिखे पत्र में गोयल ने बताया कि वह उच्च जोखिम वाले नए विचारों और प्रयोगों की ओर आकर्षित हो गए हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे विचारों को सार्वजनिक कंपनी इटरनल के बाहर ही आगे बढ़ाना उचित है, क्योंकि कंपनी को अपनी मौजूदा रणनीति पर केंद्रित रहना जरूरी है।” गोयल ने स्वीकार किया कि उनके पास दोनों काम संभालने की क्षमता है, लेकिन भारत में पब्लिक कंपनी के सीईओ से पूर्ण समर्पण की अपेक्षा होती है।
यह घोषणा तब आई है जब हाल ही में 10 मिनट डिलीवरी को लेकर विवाद छिड़ा था। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के अधिकारियों को सख्त समय सीमाएं हटाने का निर्देश दिया था। दिल्ली में हुई बैठक में उन्होंने डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर दिया।
कंपनियों ने तत्काल पालन किया और ऐप व विज्ञापनों से 10 मिनट के वादे हटा लिए। ढींढसा के नेतृत्व में इटरनल ग्रुप अब नियामकीय चुनौतियों और बाजार वृद्धि के बीच संतुलन बनाए रखने को तैयार है। यह बदलाव भारतीय क्विक कॉमर्स क्षेत्र के भविष्य को आकार देगा।