
नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को उद्योग जगत के दिग्गजों ने ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है। उनका मानना है कि यह सौदा दोनों क्षेत्रों के लिए अपार अवसर खोलेगा और वैश्विक अस्थिरता के दौर में स्थिरता प्रदान करेगा।
इंडो-ईयू बिजनेस फोरम के अवसर पर हेपाग-लॉयड इंडिया के प्रबंध निदेशक फ्रैंक श्लोडर ने कहा कि लंबी चर्चाओं के बाद यह समझौता एक मील का पत्थर है। वैश्विक व्यापार व्यवस्था में उथल-पुथल के बीच यह डील दोनों पक्षों को मजबूत बनाएगी। हम इसका पूरा लाभ उठाने को तैयार हैं।
आर्टिसाना इंडिया-चिक्को के सीईओ राजोश वोहरा ने इसे शानदार बताया। एक इतालवी कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने कहा कि आयात-निर्यात प्रक्रियाएं सरल होंगी, जिससे व्यवसायों को नई संभावनाएं मिलेंगी।
डिक्सन इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स के एमडी विनोद शर्मा ने 40 वर्षों के अनुभव के आधार पर कहा कि यह सौदा सहयोग बढ़ाएगा। यूरोप न केवल बाजार है, बल्कि उन्नत प्रौद्योगिकी और निवेश का स्रोत भी बनेगा।
एल्सेवियर के चेयरमैन वाईएस ची ने व्यापार, प्रतिभा और बौद्धिक संपदा में सहजता पर जोर दिया। इस समझौते से भारत-ईयू के साथ दुनिया भर को फायदा होगा।
बिजनेस यूरोप के अध्यक्ष फ्रेडरिक पर्सन ने कहा कि भारत की कुशलता और यूरोप की तकनीक का मेल इस विशाल बाजार को शक्तिशाली बनाएगा। नियमों पर आधारित यह डील दोनों के हित में है। उद्योगपतियों की एकस्वर राय है कि यह नया युग की शुरुआत है।