
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सहारा प्राइम सिटी लैंड घोटाले में तेजी दिखाते हुए ओडिशा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई स्थानों पर छापेमारी की। 2 फरवरी को कोलकाता जोनल ऑफिस ने अनंतपुर, बल्लारी, भुवनेश्वर और बरहमपुर में सर्च चलाए, जहां व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, संपर्क सूची, वित्तीय किताबें और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए।
पीएमएलए की धारा 17 के तहत कई लोगों के बयान दर्ज हुए। बरहमपुर में फोकस 43 एकड़ में से 32 एकड़ जमीन की धोखाधड़ी वाली बिक्री पर रहा, जो दिसंबर 2023 में सहारा कर्मचारी को रद्द प्रस्ताव और सुप्रीम कोर्ट नियमों का उल्लंघन कर बेची गई। वरिष्ठ प्रबंधन के इशारे पर हुई इस डील में बाजार मूल्य से काफी कम रकम दिखाई गई।
यह कार्रवाई हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और अन्य के खिलाफ आईपीसी 420 व 120बी की एफआईआर पर आधारित है। सहारा समूह पर 500 से अधिक एफआईआर हैं, जिनमें 300 से ज्यादा पीएमएलए से जुड़ीं—जमाकर्ताओं से जबरन दोबारा निवेश कराने और मैच्योरिटी न देने का आरोप।
ईडी जांच में पोंजी स्कीम का पर्दाफाश: फंड बिना निगरानी के प्रबंधित, मैच्योरिटी की जगह पुनर्निवेश, खातों में हेरफेर। कंपनियों间 देनदारियां बिना तर्क के ट्रांसफर। चार कोऑपरेटिव पर भारी कर्ज, फिर भी नए जमा। बेनामी संपत्ति, लोन, निजी खर्च पर फंड डायवर्ट।
पांच अस्थायी संलग्नक आदेश जारी, तीन गिरफ्तारियां—अनिल वैलापरम्पिल, अब्राहम, ओपी श्रीवास्तव—ज्यूडिशियल कस्टडी में। चार्जशीट दाखिल। जमाकर्ताओं को न्याय दिलाने की मुहिम तेज।