
मुंबई के शेयर बाजार में बुधवार को भारी भारी गिरावट का दौर चला, जिसमें सेंसेक्स करीब 1,500 अंक फिसल गया और निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये डूब गए। दोपहर 12:40 बजे सेंसेक्स 1,451 अंक या 1.81 प्रतिशत गिरकर 78,787 पर और निफ्टी 476 अंक या 1.91 प्रतिशत टूटकर 24,392 पर कारोबार कर रहा था।
बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप सोमवार के 456 लाख करोड़ से घटकर 445 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस बड़ी कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं।
सबसे बड़ा झटका इजरायल-अमेरिका-ईरान युद्ध के व्यापक होने से लगा। अमेरिका व इजरायल के ईरान पर लगातार हमलों का जवाब ईरान मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर दे रहा है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की आशंका से निवेशक सतर्क हो गए हैं।
कच्चे तेल की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.86 प्रतिशत चढ़कर 76.69 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 3.16 प्रतिशत तेजी के साथ 83.97 डॉलर प्रति बैरल पर था। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह महंगाई बढ़ाने वाला है।
डॉलर के मुकाबले रुपया 92.41 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया, जिससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली तेज हो गई। सोमवार को एफआईआई ने 3,295.64 करोड़ की बिक्री की, जबकि डीआईआई ने 8,593.87 करोड़ का निवेश किया।
वोलेटिलिटी इंडिकेटर इंडिया विक्स 21 प्रतिशत उछलकर 21 पर पहुंचा, जो बाजार में और गिरावट का संकेत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने तक उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि जल्दबाजी में फैसले न लें।