
नई दिल्ली, 24 फरवरी। रूस-यूक्रेन युद्ध ने अपने चार साल पूरे कर पांचवें वर्ष में कदम रख दिया है। इस मौके पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा कि वे शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘पुतिन अपने उद्देश्यों में असफल रहे। उन्होंने यूक्रेनियनों को तोड़ नहीं पाए। यह युद्ध उन्होंने नहीं जीता। हमने यूक्रेन को बचाया है और न्याय सुनिश्चित करते हुए शांति लाएंगे।’
यह संघर्ष 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था, जब रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया। पृष्ठभूमि में नाटो विस्तार की आशंकाएं प्रमुख हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का मानना है कि यूक्रेन का नाटो में शामिल होना रूस की सुरक्षा के लिए खतरा साबित होगा। सोवियत संघ के विघटन के बाद यूक्रेन की पश्चिमी झुकाव वाली नीतियां मॉस्को को असहज कर रही हैं।
2014 में रूस समर्थक विक्टर यानुकोविच के सत्ता से हटने के बाद क्रीमिया पर कब्जा और डोनबास क्षेत्र में विद्रोह भड़क उठा। 2022 में रूस ने डोनेट्स्क व लुहांस्क को स्वतंत्र घोषित कर हमला बोला। युद्ध ने लाखों लोगों की जान ली, शहर तबाह हुए और करोड़ों विस्थापित हो गए।
अमेरिकी मध्यस्थता में चल रही बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप का 28-सूत्री प्रस्ताव अहम है। जेलेंस्की का बयान यूक्रेन की दृढ़ता को दर्शाता है। क्या यह युद्धविराम की ओर पहला कदम बनेगा?