
नई दिल्ली। बांग्लादेश में चुनाव की तैयारी तेज हो रही है, लेकिन राजनीतिक हिंसा और अस्थिरता के बीच मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने संस्थागत सुधारों पर जनमत संग्रह के लिए ‘हां’ वोट जुटाने का जनजागरूकता अभियान शुरू कर दिया है।
यूनुस ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा कर आलोचनाओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान संकट के समय में चुप्पी नेतृत्व की विफलता होगी। अंतरिम सरकार का गठन केवल दैनिक प्रशासन के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और चुनाव से पहले सुधारों का ढांचा तैयार करने के लिए हुआ है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक देशों में नेता अक्सर नीतियों के पक्ष में जनता को तर्क देते हैं, अंतिम फैसला वोटरों पर छोड़ते हैं। बांग्लादेश का रेफरेंडम आम जनता का सीधा फैसला लेने का माध्यम है, जिसमें सरकार का खुला समर्थन प्रक्रिया को मजबूत बनाता है।
हालिया आंदोलनों से उपजी यह सरकार शेख हसीना शासन की कमियों को दूर करने पर केंद्रित है। हिंसा की छाया में चल रही चुनावी प्रक्रिया में यह अभियान जनता को जागरूक कर लोकतंत्र को नई दिशा देने का प्रयास है। यूनुस का यह कदम देश को स्थिरता और पारदर्शिता की ओर ले जाने का संकल्प दर्शाता है।