
अबुजा में रहने वाली 26 वर्षीय नाइजीरियाई गायिका इफुनान्या न्वांगेने की 31 जनवरी 2026 को कोबरा के काटने से हुई मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। स्टेज पर नन्याह नाम से मशहूर यह युवा कलाकार सोते हुए अपने फ्लैट में सांप का शिकार बनीं। अस्पताल ले जाने के बावजूद एंटी-वेनम की कमी ने उनकी जान ले ली।
यह घटना केवल एक गायिका की असमय विदाई नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य संकट की पोल खोलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक,每年 दुनिया में 50-54 लाख सांप काटते हैं, जिनमें 27 लाख मामलों में जहर फैल जाता है। 81,000 से 1,38,000 मौतें होती हैं, जबकि 4 लाख लोग विकलांग हो जाते हैं। कई मामले दर्ज ही नहीं होते।
2021 में ‘द वॉयस नाइजीरिया’ में नजर आईं इफुनान्या अपने पहले सोलो कॉन्सर्ट की तैयारी में जुटी थीं। सुबह 8:30 बजे स्लेटी सांप ने कलाई पर काटा। फ्लैट में दो सांप मिले, जिनमें एक कोबरा बेडरूम में छिपा था। नाइजीरिया में 29 सांप प्रजातियां हैं, 41 प्रतिशत जहरीली।
पहले अस्पताल में एंटी-वेनम न होने से भाई ने सोशल मीडिया पर दर्द बयां किया। अफ्रीका-एशिया में दवा महंगी, ग्रामीण पहुंच कमजोर। लोग झाड़-फूंक पर भरोसा करते हैं, समय गंवाते हैं। डब्ल्यूएचओ कहता है, समय पर एंटी-वेनम से ज्यादातर मौतें रुक सकती हैं।
2030 तक मौतें आधी करने का संयुक्त राष्ट्र लक्ष्य फंडिंग की कमी से खतरे में। सांप काटना ‘अनदेखी उष्णकटिबंधीय बीमारी’ है। इफुनान्या की मौत चेतावनी है: एंटी-वेनम उत्पादन बढ़ाओ, वितरण मजबूत करो, जागरूकता फैलाओ। उनके सपने अधूरे रह गए, लेकिन यह हादसा लाखों जिंदगियां बचा सकता है।