
वाशिंगटन। वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने घोषणा की है कि उनका देश अब स्वतंत्रता की दहलीज तक पहुंच चुका है। मादुरो शासन के खिलाफ अमेरिकी कदमों और आंतरिक राजनीतिक उथल-पुथल के बीच लोकतंत्र की राह प्रशस्त हो चुकी है।
हेरिटेज फाउंडेशन में आयोजित प्रेस वार्ता में मचाडो ने 3 जनवरी 2026 को ऐतिहासिक मोड़ बताया। उन्होंने कहा, ‘हम सच्चे लोकतांत्रिक परिवर्तन के प्रथम चरण में हैं।’ देश में वर्षों के दमन के बावजूद अमेरिका आना उनके लिए चमत्कारिक लगता है, जहां संसाधनों, धन और स्वतंत्र मीडिया की कमी रही।
आम जनता के साहस को इस आंदोलन की ताकत बताते हुए मचाडो ने कहा कि बिना साधनों के भी लोग आजादी के लिए लड़ रहे हैं। विश्वास और प्रेम की शक्ति सबसे बड़ी है। जिन्होंने कभी लोकतंत्र नहीं देखा, उन्होंने गरिमा और न्याय के लिए प्राण जोखिम में डाले। अनाथ बच्चे, शिक्षा और भोजन से वंचित होकर पल रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी जनता का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका का समर्थन साहसिक है। ट्रंप ने हाल ही में व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया, जो वेनेजुएला के लिए सबसे बड़ा संदेश है।
मानवीय संकट गंभीर है—राजनीतिक बंधक, निर्वासित नागरिक, कुपोषण का प्रकोप। सौ वर्षों में पहली बार ऐसी पीढ़ी कुपोषित हो रही है। अस्थिरता के डर को खारिज करते हुए मचाडो ने वेनेजुएला की एकजुटता पर जोर दिया। कोई धार्मिक, जातीय या क्षेत्रीय विभाजन नहीं, 90 प्रतिशत लोग बच्चों को घर लाने की एक ही इच्छा रखते हैं।
वेनेजुएला वाले भीख नहीं, काम से सम्मान चाहते हैं। महिलाएं स्वावलंबी जीवन पाना चाहती हैं। भविष्य में वेनेजुएला अमेरिका का सच्चा मित्र बनेगा। व्यवस्थित परिवर्तन से यह गौरवपूर्ण राष्ट्र उभरेगा।
अंत में मचाडो ने भरोसा दिलाया, ‘अमेरिका और ट्रंप के समर्थन से वेनेजुएला अवश्य आजाद होगा।’
