
वॉशिंगटन ने पाकिस्तान जाने की योजना बना रहे अपने नागरिकों को गंभीर सुरक्षा खतरों के चलते फैसले पर दोबारा सोचने की सलाह दी है। अमेरिकी राज्य विभाग की ताजा यात्रा सलाह में अपराध, आतंकवाद और अपहरण की आशंकाओं का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को स्तर 3 की श्रेणी में रखा गया है, जो उच्च जोखिम का संकेत देती है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, इस श्रेणी में बिना चेतावनी के आतंकी हमले संभव हैं। निशाने पर रहते हैं परिवहन केंद्र, होटल, बाजार, शॉपिंग सेंटर, सैन्य ठिकाने, हवाई अड्डे, ट्रेनें, स्कूल, अस्पताल, धार्मिक स्थल, पर्यटन क्षेत्र और सरकारी इमारतें। देश भर में खतरा मंडरा रहा है।
खैबर पख्तूनख्वा के कुछ हिस्सों सहित चुनिंदा इलाकों को स्तर 4 घोषित किया गया है, जहां यात्रा पूरी तरह वर्जित है। इन क्षेत्रों में हत्या और अपहरण की घटनाएं आम हैं, खासकर अधिकारियों और साधारण नागरिकों के खिलाफ। अमेरिकी नागरिकों से किसी भी कारणवश इन जोनों में न जाने की अपील की गई है।
यह सलाह पाकिस्तानी मूल के अमेरिकियों पर भी लागू है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा (पूर्व एफएटीए सहित) में आतंकवाद व अपहरण से बचने की हिदायत दी गई। हिंसक कट्टरपंथी गुटों ने पूरे पाकिस्तान में हमले किए, जो बलूचिस्तान-खैबर में ज्यादा हैं लेकिन कराची व इस्लामाबाद जैसे शहरों तक फैले।
स्थानीय कानून बिना अनुमति प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाते हैं। विरोध स्थलों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की निगरानी रहती है, जिसमें अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया जा चुका। सोशल मीडिया पर सरकार, सेना या अधिकारियों की आलोचना करने पर भी गिरफ्तारी हो सकती।
इसके अलावा, जनवरी में ट्रंप प्रशासन ने 75 देशों के लिए अप्रवासी वीजा प्रक्रिया 21 तारीख से रोक दी, जिसमें पाकिस्तान व बांग्लादेश शामिल। पाक विदेश मंत्रालय ने इसे अस्थायी बताते बैकलॉग की आशंका जताई। यात्रियों को सतर्क रहने और बीमा कराने की सलाह दी गई।