
वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेनेजुएला के लिए एक सोची-समझी तीन चरणीय योजना पेश की है, जिसमें तत्काल चुनावों की कोई गुंजाइश नहीं है। राष्ट्रपति निकोलास मादुरो के जाने के बाद अमेरिका की भूमिका लंबे समय तक बनी रहेगी।
यह रोडमैप स्थिरता, आर्थिक पुनरुद्धार और राजनीतिक परिवर्तन पर आधारित है। रुबियो ने जोर देकर कहा कि वर्षों की लंबी गिरावट को जल्दबाजी से नहीं सुधारा जा सकता। पहले चरण में अराजकता रोकना लक्ष्य है, जिसमें तेल निर्यात पर सख्त पाबंदियां और नौसैनिक निगरानी शामिल।
दूसरे चरण में अर्थव्यवस्था को पश्चिमी कंपनियों के लिए खोलना, बुनियादी सुविधाओं का निर्माण, बिजली व्यवस्था दुरुस्त करना और राष्ट्रीय एकता के प्रयास जैसे विपक्षी नेताओं की रिहाई व प्रवासियों की वापसी होगी।
राजनीतिक संक्रमण अंतिम चरण में होगा, बिना किसी समयसीमा के। आलोचकों को जवाब देते हुए रुबियो ने कांग्रेस से साझेदारी का हवाला दिया। यह रणनीति ऊर्जा क्षेत्र में दबाव बनाकर चीन के प्रभाव को चुनौती देती है। भारत जैसे तेल आयातक देशों पर वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।