
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। भारत, जो पहले से ही अमेरिका के 50 प्रतिशत ऊंचे शुल्कों का सामना कर रहा है, अब इस फैसले से और परेशान हो सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईरान के बीच कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर का रहा। भारत ने 1.24 अरब डॉलर का निर्यात किया, जिसमें चावल, चाय, दवाइयां और बिजली के सामान शामिल हैं। आयात 0.44 अरब डॉलर का रहा, जिसमें सूखे मेवे प्रमुख हैं।
चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। 2015 के एमओयू से भारत अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।
हाल ही में अमेरिका ने चाबहार पर छूट को छह माह बढ़ाया, जो 29 अक्टूबर से लागू है। यह कूटनीतिक सफलता अप्रैल तक बिना बाधा कार्य जारी रखने देगी।
चीन के अलावा यूएई और तुर्की भी प्रभावित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को व्यापार विविधीकरण पर जोर देना होगा। यह नया टैरिफ वैश्विक व्यापार को नई चुनौतियां देगा।