
रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। चार साल के लंबे अंतराल के बाद अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि शुक्रवार को अबू धाबी में पहली बार आमने-सामने होंगे। यह त्रिपक्षीय वार्ता चल रहे संघर्ष के बीच शांति प्रयासों को नई गति प्रदान कर सकती है।
इससे ठीक पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ चार घंटे की गहन चर्चा की। इसमें अमेरिका-मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ, राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और जोश ग्रुएनबाम शामिल थे। रूसी पक्ष से यूरी उशाकोव और किरिल दिमित्रिव ने भाग लिया।
पत्रकारों से बातचीत में उशाकोव ने इस मुलाकात को उपयोगी, रचनात्मक और स्पष्ट बताया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कार्य समूह अबू धाबी में पहली बैठक करेगा, जिसका नेतृत्व जीआरयू के एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव करेंगे। पुतिन ने उन्हें विशेष निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा विटकॉफ और दिमित्रिव रूस-अमेरिका व्यापार पर अलग चर्चा करेंगे। उशाकोव ने दोहराया कि मॉस्को और कीव के बीच शांति क्षेत्रीय विवाद सुलझाए बिना संभव नहीं। उन्होंने कहा, हम राजनीतिक-कूटनीतिक हल चाहते हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ी तो युद्धक्षेत्र में लक्ष्य हासिल करेंगे जहां हमारी सेना आगे है।
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ट्रंप की जेलेंस्की से मुलाकात ने भी आधार तैयार किया। ट्रंप ने एयर फोर्स वन से कहा कि वे शांति की आशा करते हैं, हालांकि सीमा मुद्दा जटिल है।
अबू धाबी की तटस्थ भूमि पर यह बैठक सफल होने पर संघर्ष समाप्ति का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। दुनिया की नजरें इस ऐतिहासिक वार्ता पर टिकी हैं।