
अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्ती का नया बिल भारत के साथ उसके संबंधों को नुकसान पहुंचा सकता है। प्रमुख भारतीय-अमेरिकी व्यवसायी अशोक मागो ने चेतावनी दी है कि सीनेटर लिंडसे ग्राहम का प्रस्तावित कानून, जो 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है, दिल्ली-वॉशिंगटन के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं को पटरी से उतार देगा।
मागो, जो यूएस-इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के संस्थापक हैं, ने कहा कि यह कदम गलत समय पर उठाया जा रहा है। ग्राहम ने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप का समर्थन प्राप्त यह बिल पुतिन की युद्ध मशीन को कमजोर करेगा, क्योंकि भारत, चीन जैसे देश सस्ता रूसी तेल खरीदकर उसे फंड कर रहे हैं।
उन्होंने यूक्रेन की शांति कोशिशों के बीच रूस की बर्बरता का हवाला दिया। लेकिन मागो ने पलटवार किया कि इससे अमेरिकी भारतीय समुदाय को रोजमर्रा की भारतीय आयात वस्तुओं पर महंगाई का सामना करना पड़ेगा। पद्मश्री प्राप्त मागो ने असैन्य परमाणु समझौते में अपनी भूमिका याद दिलाई।
उन्होंने अपील की कि दोनों लोकतंत्रों को आपसी लाभकारी टैरिफ पर सहमति बनानी चाहिए। भारतीय अमेरिकियों के तकनीक, चिकित्सा और व्यापार में योगदान पर जोर देते हुए मागो ने कहा कि ‘हाउडी मोदी’ जैसे आयोजनों की भावना लौटानी होगी। सीनेटरों से संयम बरतने को कहा, ताकि बातचीत से समाधान निकले और अर्थव्यवस्थाएं मजबूत हों।