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ईरान युद्ध में चीन-रूस की शांति अपील को अमेरिका ने ठुकराया

वॉशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में चीन और रूस की शांति की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई केवल तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|विदेश|
March 3, 2026
ईरान युद्ध में चीन-रूस की शांति अपील को अमेरिका ने ठुकराया
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वॉशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में चीन और रूस की शांति की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई केवल तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और मिसाइल क्षमताओं को रोकने के लिए है।

प्रेस ब्रीफिंग में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका बीजिंग या मॉस्को से कोई चर्चा नहीं कर रहा। 'उनके लिए कोई संदेश नहीं। वे इस संघर्ष के केंद्र में नहीं हैं। हमारी चिंता ईरान के परमाणु कार्यक्रम से है।'

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के चौथे दिन अमेरिकी सेना ईरानी मिसाइल सिस्टम, नौसेना और सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है। खुफिया सूत्रों ने बताया कि ईरान परमाणु वार्ता में ईमानदार नहीं था।

हेगसेथ ने कहा, '12 दिनों के युद्ध के प्रमाण बताते हैं कि ईरान का परमाणु समझौते का कोई इरादा नहीं था। उनके पास हजारों मिसाइलें हम पर तैनात हैं।'

संयुक्त सैन्य प्रमुख जनरल डैन केन ने बताया कि 2,000 से ज्यादा लक्ष्यों पर हमले हो चुके हैं। ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च पहले दिन से 86 फीसदी कम हो गए।

अभियान का लक्ष्य ईरान की सीमा पार ताकत प्रोजेक्ट करने की क्षमता खत्म करना है। सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन और जॉर्डन रक्षा में मदद कर रहे हैं।

100 घंटे बीतने के बावजूद युद्ध प्रारंभिक चरण में है। वॉशिंगटन-तेहरान तनाव हालिया महीनों में चरम पर पहुंचा, जहां अमेरिका ने ईरान पर नाभिकीय हथियार बनाने का आरोप लगाया।

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