
वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेटरों ने चेतावनी भरी है कि देश दुश्मन ताकतों के साथ सक्रिय साइबर जंग में जकड़ा हुआ है। महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर लगातार रीयल-टाइम हमले हो रहे हैं, जिन्हें पकड़ना और रोकना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के चेयरमैन रोजर विकर ने कहा कि साइबर खतरे अब काल्पनिक नहीं हैं। ‘यह कोई सिद्धांतिक जोखिम नहीं, बल्कि जारी जंग है।’ उन्होंने अमेरिकी साइबर कमांड को डिजिटल क्षेत्र में पहली और अंतिम रक्षा पंक्ति बताया, जो गुप्त रूप से उन्नत शत्रुओं का मुकाबला कर रहा है।
विकर ने बताया कि शत्रु ऐसी तकनीकों पर भारी पूंजी लगा रहे हैं जो सुरक्षा तंत्रों को चूना लगा दें। अमेरिका का आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर इन हमलों के प्रति असुरक्षित है, जबकि इंडो-पैसिफिक में टकराव की आशंकाओं के बीच साइबर क्षमताएं मजबूत हो रही हैं।
साइबर कमांड और एनएसए प्रमुख पद के लिए नामित लेफ्टिनेंट जनरल जोशुआ रूड ने जोर दिया कि साइबर अभियान आधुनिक युद्ध का अभिन्न हिस्सा हैं। दशकों के अनुभव से उन्होंने गति, लचीलापन और क्षमताओं के एकीकरण पर बल दिया। ‘रणनीतिक परिदृश्य में ये अनिवार्य हैं।’
सीनेटर जैक रीड ने चीन-रूस जैसे प्रतिद्वंद्वियों द्वारा एआई और सूचना युद्ध के साथ साइबर हथियारों के संयोजन पर खतरे की घंटी बजाई। उन्होंने साइबर कमांड की तैयारी पर सवाल उठाए, खासकर नेतृत्वहीनता और ‘साइबर कमांड 2.0’ बदलावों के बीच।
रूड ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षा को प्राथमिकता बताया। आक्रामक रुख पर बहस हुई, जहां सीनेटर डैन सुलिवन ने कहा, ‘हमला ही सर्वोत्तम बचाव है।’ रूड ने रक्षा-अपराध दोनों में सक्षमता की पुष्टि की, लेकिन फैसले नागरिक नेतृत्व के हाथ में।
अमेरिकी नागरिकों पर दुरुपयोग रोकने के उपायों पर भी चर्चा हुई। यह सुनवाई साइबर क्षेत्र में मजबूत रणनीति की मांग करती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को भविष्य के खतरों से सुरक्षित रखे।