चीन द्वारा ताइवान पर बढ़ते खतरे के बीच अमेरिकी सांसदों ने एक द्विपक्षीय बिल पेश कर समुद्र तल के महत्वपूर्ण केबल्स और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का संकल्प लिया है। क्रिटिकल अंडरसी इंफ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस इनिशिएटिव एक्ट वैश्विक संचार और अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए जरूरी कदम है।

वाशिंगटन से 3 अप्रैल की घोषणा में सीनेटरों ने चेताया कि इन नेटवर्क्स पर हमला पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है। हाउस में माइक लॉलर, डेव मिन और ग्रेग स्टैंटन तथा सीनेट में जॉन कर्टिस व जैकी रोसेन ने इसे पेश किया। सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी से मंजूरी मिल चुकी है।
बिल में रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, वैश्विक खुफिया साझाकरण और तेज रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल पर जोर है। लॉलर ने कहा, “ये केबल्स वैश्विक अर्थव्यवस्था की धमनी हैं, चीन के खतरे से इन्हें सुरक्षित रखना अमेरिका की जिम्मेदारी।”
ताइवान स्ट्रेट में कोस्ट गार्ड के साथ गश्त, क्रॉस-स्ट्रेट प्लानिंग ग्रुप और कमजोरियों की पहचान जैसे प्रावधान शामिल हैं। चीन की ग्रे जोन रणनीति का मुंहतोड़ जवाब देने को डिजाइन किया गया है।
मिन ने केबल तोड़फोड़ को ताइवान को अलग करने की साजिश बताया। स्टैंटन ने आर्थिक हितों पर बल दिया। बिल दोषियों पर प्रतिबंध लगाने, कूटनीतिक दबाव और जागरूकता अभियान का आदेश देता है।
कर्टिस और रोसेन ने अमेरिकी समर्थन और वैश्विक सहयोग पर जोर दिया। यह कदम हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
