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अमेरिका ने चीन के खनिज एकाधिकार तोड़ने को 50 देशों का बनाया गठबंधन

अमेरिका ने महत्वपूर्ण खनिजों पर चीन के वर्चस्व को समाप्त करने के लिए एक साहसिक कदम उठाया है। 4 फरवरी को वाशिंगटन में हुई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में अमेरिका ने करीब 50 देशों के साथ एक...

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Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|विदेश|
February 4, 2026
अमेरिका ने चीन के खनिज एकाधिकार तोड़ने को 50 देशों का बनाया गठबंधन
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अमेरिका ने महत्वपूर्ण खनिजों पर चीन के वर्चस्व को समाप्त करने के लिए एक साहसिक कदम उठाया है। 4 फरवरी को वाशिंगटन में हुई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में अमेरिका ने करीब 50 देशों के साथ एक ट्रेडिंग ब्लॉक गठित करने का ऐलान किया। यह ब्लॉक लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और दुर्लभ मिट्टी तत्वों जैसे संसाधनों के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य स्थिरीकरण पर केंद्रित होगा।

चीन के पास वैश्विक दुर्लभ मिट्टी के 70 प्रतिशत उत्पादन और 90 प्रतिशत रिफाइनिंग की पकड़ है। 2025 में उसने निर्यात पर दो चरणों में सख्त नियंत्रण लागू किए। अमेरिका का यह प्लान सहयोगी देशों के बीच बाधारहित व्यापार सुनिश्चित करेगा, जिसमें न्यूनतम कीमतों पर लेन-देन होगा। इससे चीन की डंपिंग रणनीति नाकाम हो जाएगी।

भारत ने इस पहल का पूर्ण समर्थन किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक में भाग लिया और आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत बताई। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज वाशिंगटन में क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल को संबोधित किया। संकेंद्रण की चुनौतियों और सहयोग से जोखिम कम करने पर जोर दिया।'

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि टैरिफ और फ्लोर प्राइस से सहयोगियों की रक्षा करनी होगी। 'हमें कीमतें स्थिर रखनी होंगी ताकि अमेरिकी उद्योग पुनर्जीवित हो और मित्र देशों में संयुक्त उत्पादन बढ़े। तीसरे पक्ष पर निर्भरता समाप्त हो।'

यह गठबंधन वैश्विक खनिज बाजार में नया समीकरण रचेगा, जो स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी प्रगति को मजबूत बनाएगा।

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