scorecardresearch
LokShakti Logo
मुख्य पृष्ठविदेशभारत-अमेरिका 10 साल के रक्षा समझौते से मजबूत होगी साझेदारी: सर्जियो गोर

भारत-अमेरिका 10 साल के रक्षा समझौते से मजबूत होगी साझेदारी: सर्जियो गोर

नई दिल्ली। अमेरिका के भारत राजदूत सर्जियो गोर ने 2025 में हस्ताक्षरित 10 वर्षीय रक्षा समझौते को दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला बताया है। बुधवार को रक्षा सचिव राजेश...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|विदेश|
January 27, 2026
भारत-अमेरिका 10 साल के रक्षा समझौते से मजबूत होगी साझेदारी: सर्जियो गोर
--- Advertisement ---
Jharkhand Banner Advertisement

नई दिल्ली। अमेरिका के भारत राजदूत सर्जियो गोर ने 2025 में हस्ताक्षरित 10 वर्षीय रक्षा समझौते को दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला बताया है। बुधवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद गोर ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, 'पिछले साल अमेरिका और भारत ने 10 साल का रक्षा समझौता किया, जो हमारी साझेदारी को गहरा करेगा। संयुक्त अभियान जारी रहेंगे और बिक्री प्रक्रियाएं चल रही हैं। मजबूत रिश्ता! रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का आभार।'

इससे पहले 25 जनवरी को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दो रिपब्लिकन और एक डेमोक्रेट वाले अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। चर्चा में व्यापार, सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक और यूक्रेन संकट जैसे मुद्दों पर बात हुई। जयशंकर ने एक्स पर कहा कि कांग्रेसीन वार्ताएं हमेशा संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं।

गोर ने बातचीत को उत्पादक बताया, जिसमें सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों पर जोर रहा। समझौते की नींव अक्टूबर 2025 में मलेशिया के एडीएमएम-प्लस सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ की मुलाकात में पड़ी।

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह 2025 का ढांचा अगले दशक के लिए सहयोग को नया रूप देगा। इसमें एकसमान दृष्टिकोण और नीतिगत दिशा का लक्ष्य है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग की गति की सराहना की और सभी क्षेत्रों में पारस्परिक लाभ वाली साझेदारी मजबूत करने का संकल्प लिया।

हेगसेथ ने भारत को रक्षा सहयोग में प्राथमिकता बताया और स्वतंत्र इंडो-पैसिफिक सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता जताई। मंत्रालय ने कहा कि सैन्य अभ्यास, सूचना साझा करना, समान विचार वाले साझेदारों से सहयोग, उद्योग, विज्ञान-तकनीक और सहयोग तंत्रों से संबंध मजबूत हो रहे हैं।

यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जो वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को प्रभावित करेगा।

--- Advertisement ---
--- Advertisement ---
--- Advertisement ---
Jharkhand Sidebar Advertisement 300x250