
नई दिल्ली। अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए खतरे की घंटी बज गई है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया एक्स पर स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि कानून तोड़ने पर छात्र वीजा रद्द हो सकता है, उन्हें देश से निकाला जा सकता है और भविष्य में अमेरिकी वीजा के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।
दूतावास ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि विशेषाधिकार है। छात्रों को नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है ताकि उनकी पढ़ाई का सफर बाधित न हो। यह चेतावनी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2025 के वीजा और प्रवासी नियमों में बड़े बदलावों के बाद आई है।
पिछले साल 2025 में करीब 6000 विदेशी छात्रों के वीजा रद्द किए गए, जिनमें कई भारतीय भी थे। अमेरिका में लगभग तीन लाख विदेशी छात्र पढ़ते हैं। दूतावास ने पहले भी अवैध प्रवास पर चेतावनी दी थी कि ऐसे लोग हिंसक गिरोहों, तस्करों और भ्रष्ट अधिकारियों के निशाने पर रहते हैं।
30 दिसंबर 2025 को कानून उल्लंघन पर सजा की चेतावनी दोहराई गई। ट्रंप प्रशासन अवैध प्रवास रोकने और सीमाओं की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है। वहीं, ट्रंप की हालिया वेलफेयर डेटा लिस्ट में भारत का नाम न होने से भारतीय प्रवासियों की मजबूत आर्थिक स्थिति का पता चलता है।
भूटान (81.4%) शीर्ष पर है, उसके बाद यमन (75.2%), सोमालिया (71.9%) आदि। निचले स्तर पर आइवरी कोस्ट (49.1%), लाइबेरिया (48.9%) और अल्जीरिया (48.1%) हैं। भारतीय छात्रों को सतर्क रहने की जरूरत है।