
इस्लामाबाद। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के खिलाफ पाकिस्तान में उग्र प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इन प्रदर्शनों के बीच इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की हिदायत दी है। कराची, लाहौर, इस्लामाबाद और पेशावर में अमेरिकी मिशनों के बाहर भड़की हिंसा ने हालात को चिंताजनक बना दिया है।
दूतावास ने सोशल मीडिया एक्स पर बयान जारी कर कहा कि वह कराची व लाहौर के वाणिज्य दूतावासों पर चल रहे प्रदर्शनों और इस्लामाबाद दूतावास व पेशावर कांसुलेट पर प्रस्तावित धरनों पर नजर रखे हुए है। अमेरिकी नागरिकों से अपील की गई है कि स्थानीय समाचारों पर नजर रखें, आसपास की गतिविधियों पर सजग रहें, भीड़भाड़ से दूर रहें और एसटीईपी पंजीकरण अपडेट रखें।
कराची के माई कोलाची रोड पर अमेरिकी कांसुलेट के निकट रविवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में नौ लोगों की जान चली गई, जबकि 34 अन्य जख्मी हो गए। सिविल अस्पताल के ट्रॉमा संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. मोहम्मद साबिर मेमन ने इन आंकड़ों की पुष्टि की। पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया सैयद ने भी नौ मौतों की तस्दीक करते हुए बताया कि सात घायलों को आगा खान अस्पताल और फातिमिद फाउंडेशन में भर्ती किया गया है। शेष का इलाज सिविल ट्रॉमा सेंटर में जारी है, जबकि दो घायल पुलिसकर्मी जेपीएमसी में हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू में प्रदर्शन भड़क उठे। भड़के आक्रोश में यूएनएमओजीआईपी कार्यालयों, एक स्कूल, पुलिस अधीक्षक दफ्तर और एकेआरएसपी भवन को आग लगा दी गई। प्रशासन ने स्कर्दू में कर्फ्यू लगा दिया और सेना को धारा 245 के तहत बुलाया। इन घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
मध्य पूर्व संकट का असर पाकिस्तान तक पहुंच गया है, जहां अमेरिकी मिशनों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। दूतावास की चेतावनी आने वाले दिनों में और प्रदर्शनों की आशंका जता रही है।