
वॉशिंगटन। अमेरिका ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिशों के पीछे सक्रिय मुख्य साजिशकर्ता को खत्म करने का बड़ा ऐलान किया है। युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि विशेष बलों ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एक खास यूनिट के नेता को ट्रैक कर मार गिराया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेगसेथ ने कहा, ‘कल हमने उस यूनिट के सरगना को ढेर कर दिया जिसने ट्रंप की हत्या की कोशिश की।’ इस कार्रवाई से ट्रंप को कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला मिल गया। नाम उजागर नहीं किया गया, लेकिन सफलता का दावा पक्का है।
इधर, न्यूयॉर्क की ब्रुकलिन फेडरल कोर्ट में पाकिस्तानी आसिफ मर्चेंट पर आतंकवाद के आरोपों की सुनवाई चल रही है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि मर्चेंट ने ईरान के साथ मिलकर 2024 चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप पर हमले की साजिश रची।
अपने कपड़ा कारोबार को आड़ बनाकर उसने शूटरों को भाड़े पर लेने की कोशिश की। एफबीआई के मुखबिर से संपर्क कर अंडरकवर एजेंटों को पैसे दिए और आईआरजीसी से ट्रेनिंग की बात स्वीकारी। जुलाई 2024 में अमेरिका से फरार होने के प्रयास में पकड़ा गया।
जज एरिक कोमिटी ने मुकदमे के समय पर टिप्पणी की। मर्चेंट की गिरफ्तारी के अगले दिन ही पेनसिल्वेनिया रैली में ट्रंप पर हमला हुआ। एक अन्य मामले में अफगान फरहाद शकेरी पर भी सुपारी देने का आरोप है।
बाइडेन सरकार ने खतरे की चेतावनी दी थी। आईआरजीसी सुलेमानी हत्य का बदला लेना चाहता था। सरगना मारा गया, लेकिन खतरे बाकी हैं। अमेरिका की मुस्तैदी जारी रहेगी।