
वाशिंगटन में ट्रंप प्रशासन ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए एक साल से कम अवधि में एक लाख से अधिक विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। विदेश विभाग के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान है, जो सीमा और जनसुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है।
मुख्य उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने स्पष्ट कहा कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि है। 2024 के बाद रद्दीकरण में 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। रद्द वीजा उन लोगों के थे, जिन पर मारपीट, चोरी या शराब पीकर वाहन चलाने जैसे अपराधों के आरोप थे।
इसके पीछे नई कंटीन्यूअस वेटिंग सेंटर की भूमिका अहम है, जो वीजा धारकों पर लगातार नजर रखता है। पहले जांच केवल आवेदन या प्रवेश पर सीमित थी, अब किसी भी समय खतरा दिखने पर तत्काल कार्रवाई होती है।
प्रशासन का मानना है कि यह व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। पिगॉट ने जोर देकर कहा कि अमेरिका पहले, और खतरे पैदा करने वाले विदेशियों को दरकिनार।
देशवार या वीजा प्रकारों का विवरण न दिए जाने के बावजूद, यह कदम वीजा नीति को प्रमुख मुद्दा बना रहा है। कानूनी अधिकार के तहत अयोग्य लोगों के वीजा रद्द करना अब नियम बन गया है।