
ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाया है। एक साल से कम अवधि में एक लाख से अधिक विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा वीजा रद्दीकरण अभियान है, जो सीमा सुरक्षा और आम अमेरिकियों की हिफाजत सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
विभाग के मुख्य उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और देश की संप्रभुता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 2024 के बाद से वीजा रद्द करने की संख्या में 150 प्रतिशत से अधिक की तेज वृद्धि हुई है, जो एक नया रिकॉर्ड स्थापित करता है।
रद्द किए गए वीजा उन विदेशियों के थे, जिन पर मारपीट, चोरी या नशे में वाहन चलाने जैसे अपराधों के आरोप थे या वे दोषी सिद्ध हो चुके थे। प्रशासन का दावा है कि राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में शुरू की गई नई जांच और निगरानी प्रणाली इसके पीछे मुख्य कारण है।
हाल ही में शुरू किए गए कंटीन्यूअस वेटिंग सेंटर ने इस प्रक्रिया को और सशक्त बना दिया है। पिगॉट ने कहा, ‘यह केंद्र सुनिश्चित करता है कि अमेरिकी मिट्टी पर मौजूद हर विदेशी कानून का पालन करे, और खतरा बनने वालों के वीजा फौरन रद्द हो जाएं।’
पहले जांच केवल आवेदन या प्रवेश के समय सीमित होती थी, लेकिन अब सतत निगरानी से अपराध आने पर तत्काल कार्रवाई संभव है। यह नीति प्रशासन की व्यापक सुरक्षा रणनीति को दर्शाती है, जो ‘अमेरिका फर्स्ट’ के सिद्धांत पर आधारित है।
बयान में प्रभावित देशों या वीजा प्रकारों का विवरण नहीं दिया गया, लेकिन यह कदम वीजा नीति को घरेलू और विदेशी मामलों का केंद्र बिंदु बनाता है। अमेरिकी कानून सरकार को किसी भी सुरक्षा जोखिम पर वीजा रद्द करने का पूर्ण अधिकार देता है।