
काराकास। वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका अपनी कुटिल मंशा में कभी सफल नहीं हो पाएगा। शुक्रवार देर रात हुए इन हमलों से पूरे शहर में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने करीब 2 बजे हवाई जहाजों की गड़गड़ाहट और जोरदार धमाकों की आवाज सुनी। कम से कम सात धमाकों ने काराकास को थर्रा दिया, जिससे लोग डर के मारे घरों से बाहर सड़कों पर उतर आए।
वेनेजुएला सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई वाली सरकार की कड़ी निंदा की है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह हमला देश के रणनीतिक संसाधनों जैसे तेल और खनिजों पर कब्जा करने तथा राजनीतिक स्वतंत्रता को कुचलने की साजिश है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने तत्काल राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। उन्होंने सभी राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को सक्रिय करने का आदेश दिया, जिससे सशस्त्र बलों की भूमिका बढ़ गई और आवश्यकता पड़ने पर नागरिक अधिकारों को निलंबित करने का अधिकार मिला।
सरकारी बयान में लोगों से सड़कों पर उतरकर स्वतंत्रता की रक्षा करने का आह्वान किया गया। ‘बोलिवर और मिरांडा की भावना के साथ वेनेजुएला के लोग हमले के खिलाफ खड़े हो गए हैं। सड़कों पर उतरो!’ यह बयान संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताते हुए कहा गया कि 200 वर्षों से अधिक की स्वतंत्रता के बाद भी देश अपनी संप्रभुता और भाग्य की रक्षा के लिए दृढ़ है। अमेरिका की यह चाल नाकाम होगी।
धमाकों के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में धुएं के गुबार दिखाई दे रहे हैं, हालांकि इनकी पुष्टि नहीं हुई। कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई, जिसमें सैन्य ठिकाने भी शामिल हैं। टेलीकॉम सेवाओं में व्यवधान की खबरें हैं। अधिकारियों ने नुकसान और हताहतों की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी। जांच और आकलन जारी है। वेनेजुएला-अमेरिका तनाव चरम पर है, जहां तेल संसाधनों पर कब्जे की होड़ ने नया मोड़ ले लिया।