
ढाका, 8 जनवरी। अमेरिकी सरकार के इस नए फैसले से बांग्लादेश में हड़कंप मच गया है। देश को वीजा बॉन्ड लिस्ट में शामिल करते हुए यूएस ने यात्रियों के लिए भारी वित्तीय शर्तें लगा दी हैं। अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने इसे ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हुसैन ने पत्रकारों से कहा कि यह कदम अप्रत्याशित नहीं है, लेकिन दुखद जरूर है। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘यह सिर्फ बांग्लादेश पर नहीं थोपा गया। हम उन देशों में हैं जहां इमीग्रेशन संबंधी समस्याएं हैं। इससे हमें दर्द होता है।’
यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की वेबसाइट के मुताबिक, बी1/बी2 वीजा के पात्र आवेदकों को 5,000 से 15,000 डॉलर का बॉन्ड जमा करना होगा। यह राशि वीजा साक्षात्कार के दौरान तय होती है। फॉर्म आई-352 भरना अनिवार्य है और भुगतान पे.गॉव पोर्टल से ही करना होगा।
कॉन्सुलर अधिकारी के निर्देश पर ही बॉन्ड जमा करने की प्रक्रिया शुरू होती है। थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स का उपयोग वर्जित है, अन्यथा भुगतान अमेरिकी सरकार की जिम्मेदारी से बाहर माना जाएगा। बॉन्ड जमा करने से वीजा मिलने की गारंटी नहीं है।
इस सूची में अल्जीरिया, अंगोला, भूटान, क्यूबा, नेपाल, नाइजीरिया, वेनेजुएला समेत 24 देश शामिल हैं। बांग्लादेश के लिए यह फैसला गैर-निवासी बांग्लादेशी (एनआरबी) प्रवासियों और छात्रों के सपनों पर पानी फेर सकता है।
मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के नेतृत्व में देश पहले ही राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहा है। अब यह नीति द्विपक्षीय संबंधों पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश को इमीग्रेशन सुधारों पर ध्यान देकर इस सूची से बाहर निकलना चाहिए।
सरकार ने कहा है कि वह अमेरिका से बातचीत जारी रखेगी ताकि प्रतिबंधों में ढील मिल सके। यात्रियों को सलाह है कि वे पूरी तैयारी के साथ आवेदन करें।