
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख नेताओं के साथ गहन बातचीत शुरू की है, जब ईरान से जुड़े तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल दिया है। सोमवार को यूएन के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाइयां पूरी दुनिया के आर्थिक ढांचे को हिला सकती हैं।
तेल कीमतों में 5.63 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है, जो खाड़ी की अस्थिरता का सीधा नतीजा है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी रुक गई, तो ऊर्जा लागत आसमान छू लेगी। दुजारिक ने चेतावनी दी कि इसका सबसे बुरा असर गरीब और कमजोर देशों पर ही पड़ेगा।
गुटेरेस उन हमलों से चिंतित हैं जो संघर्ष को जॉर्डन, सीरिया, लेबनान और अन्य खाड़ी देशों तक फैला सकते हैं। उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अलबुसैदी तथा छह देशों के खाड़ी सहयोग परिषद के राजदूतों से चर्चा की।
कतर के अमीर के साथ बात में वर्तमान संकट और सैन्य तनाव को बातचीत से समाप्त करने पर जोर दिया गया। ओमान को ईरान-अमेरिका मध्यस्थता के लिए धन्यवाद देते हुए गुटेरेस ने ईरान पर हमलों और खाड़ी देशों पर ईरानी प्रहारों की निंदा की। ये हमले जिनेवा वार्ता के ठीक दो दिन बाद हुए थे, जो ओमान की मध्यस्थता से आयोजित हुई।
गुटेरेस ने तत्काल युद्धविराम, तनाव कम करने और संवाद पर आधारित समाधान की अपील की। आर्थिक उथल-पुथल के इस दौर में यूएन की यह कोशिश शांति और स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।