
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मध्य पूर्व में तेज होती तनाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद बुलाई गई आपात बैठक में उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता और नागरिकों के लिए विनाशकारी परिणामों की आशंका व्यक्त की।
गुटेरेस ने कहा कि इस अस्थिर इलाके में सैन्य कदम अनियंत्रित घटनाओं की श्रृंखला छेड़ सकते हैं। उन्होंने जेनेवा में ओमान की मध्यस्थता वाली अमेरिका-ईरान वार्ता और वियना में आगामी परमाणु चर्चा का हवाला देते हुए कूटनीति के अवसर गंवाने पर अफसोस जताया।
दोनों पक्षों के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने तुरंत युद्धविराम की मांग की। अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने हमलों को ईरान के परमाणु खतरे को रोकने का जरूरी कदम बताया और मिसाइल कार्यक्रम को नष्ट करने पर जोर दिया।
ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने अमेरिका-इजरायल पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया, जबकि रूस के वासिली नेबेंजिया ने इसे संप्रभु देश पर आक्रमण करार दिया। उन्होंने इराक युद्ध के सबक का जिक्र किया। इजरायल के डैनी डैनन ने ईरान के नारों का हवाला देकर कार्रवाई को उचित ठहराया।
मध्य पूर्व में शांति की राह कठिन दिख रही है, जब विश्व शक्तियां आमने-सामने हैं। गुटेरेस की चेतावनी वैश्विक समुदाय के लिए जागृति का संदेश है।