
अदीस अबाबा। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अफ्रीकी संघ के 39वें शिखर सम्मेलन के दौरान यूएन और अफ्रीकी संघ के बीच सहयोग को और मजबूत करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने अफ्रीका की चुनौतियों से जूझने की हिम्मत की सराहना की।
अफ्रीकी संघ मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में गुटेरेस ने कहा कि अफ्रीका दुनिया की कठिनाइयों का डटकर मुकाबला कर रहा है। विकास संबंधी मुद्दों को हल करने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं, जो चमत्कार नहीं बल्कि वास्तविक मेहनत का नतीजा हैं।
उन्होंने क्षेत्रीय एकजुटता, स्वच्छ ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में निवेश की प्रगति का जिक्र किया, हालांकि यह हर जगह समान नहीं है। वैश्विक माहौल शीत युद्धोत्तर काल से भी अधिक अस्थिर है, जिससे संकट गहरा गए हैं।
सूडान, कांगो, साहेल और हॉर्न क्षेत्र जैसे संकटों पर बोलते हुए गुटेरेस ने कहा कि अफ्रीकी संस्थाओं को वैश्विक समर्थन की सख्त जरूरत है। शांति, वित्तीय न्याय और जलवायु परिवर्तन सहयोग की तीन प्राथमिकताएं हैं।
अफ्रीका की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं कर्ज के बोझ तले दबी हैं। वैश्विक वित्तीय व्यवस्था अन्यायपूर्ण है, जिसमें विकासशील देशों की आवाज दबी हुई है। जलवायु संकट में अफ्रीका को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है, जबकि योगदान न्यूनतम है।
उन्होंने कहा कि सही सहायता से अफ्रीका नवीकरणीय ऊर्जा का वैश्विक केंद्र बन सकता है। यह साझेदारी अफ्रीका के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी साबित होगी।