
लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने जेफ्री एपस्टीन के पीड़ितों से खुलेआम माफी मांगी है। उन्होंने पीटर मंडेलसन के झूठ पर भरोसा करके उन्हें अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत बनाने के फैसले पर गहरा पछतावा जताया।
मंडेलसन के एपस्टीन से गहरे रिश्तों का पर्दाफाश होने के बाद यह मामला गरमाया। लीक ईमेल और जांच रिपोर्ट्स ने ब्रिटिश राजनीति में हंगामा मचा दिया। पूर्व प्रधानमंत्रियों टोनी ब्लेयर व गॉर्डन ब्राउन के मंत्री रहे मंडेलसन ने हाउस ऑफ लॉर्ड्स से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी को अतिरिक्त बदनामी से बचाने का हवाला दिया।
हेस्टिंग्स में भाषण के दौरान स्टार्मर ने लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते विवाद के बीच कहा, ‘एपस्टीन के शिकारों ने वह दर्द झेला है, जिसकी कल्पना हम अधिकांश नहीं कर सकते।’ उन्होंने कहा, ‘आपके साथ जो हुआ, उसके लिए माफी। ताकतवर लोगों ने आपकी मदद न करने पर मुझे खेद। मंडेलसन के बार-बार झूठ पर विश्वास करने और उनकी नियुक्ति पर माफ करें।’
स्टार्मर ने स्वीकार किया कि उन्हें कुछ जानकारियां थीं, लेकिन इस फैसले पर पश्चाताप है। उन्होंने मंडेलसन पर देश को धोखा देने का आरोप लगाया। बुधवार को नियुक्ति से जुड़ी फाइलें जारी करने की इच्छा जताई, लेकिन पुलिस ने जांच प्रभावित होने की चेतावनी दी।
‘लोगों की भावनाओं को समझता हूं, जल्द दस्तावेज जारी होंगे,’ उन्होंने आश्वासन दिया। स्टार्मर ने जोर दिया कि यह राजनीतिक खेल नहीं बनना चाहिए। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में मंडेलसन की एपस्टीन से ईमेल चैट व गोपनीय फाइल शेयरिंग के खुलासे ने विवाद बढ़ाया।
यह घटना स्टार्मर सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है। माफी से कुछ राहत मिली, लेकिन पारदर्शिता की मांग तेज। राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है।