
लंदन। ब्रिटिश कंजर्वेटिव सांसद बॉब ब्लैकमैन ने हाउस ऑफ कॉमन्स में बांग्लादेश के बिगड़ते हालात पर गंभीर चिंता जताई है। यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा चरम पर पहुंच गई है, जहां हिंदुओं की सड़कों पर हत्या हो रही है, उनके घरों और मंदिरों को आग के हवाले कर दिया जा रहा है। अन्य धार्मिक समुदाय भी इसी क्रूरता का शिकार हो रहे हैं।
छुट्टी से पूर्व एडजर्नमेंट डिबेट में ब्लैकमैन ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश की खतरनाक स्थिति पर सवाल उठाए, और हाउस लीडर ने विदेश सचिव को पत्र लिखा। उन्होंने 12 फरवरी के चुनावों पर चेतावनी दी, जहां अवामी लीग को 30 प्रतिशत समर्थन के बावजूद भाग लेने से वंचित रखा गया है। इस्लामिक कट्टरपंथी संविधान बदलने के लिए रेफरेंडम मांग रहे हैं।
ब्लैकमैन ने अगले सप्ताह विदेश सचिव से बयान मांगा, जिसमें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के ब्रिटेन के कदम बताए जाएं। जिम शैनन, जस अठवाल और क्रिस लॉ समेत सांसदों ने संयुक्त बयान में अंतरिम सरकार की वोटर रोक पर नाराजगी जताई। उन्होंने जोर दिया कि प्रमुख दलों के बिना चुनाव लोकतांत्रिक नहीं हो सकते।
यह संसदीय हस्तक्षेप बांग्लादेश में मानवाधिकार संकट पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करता है, जहां ब्रिटेन मानवता की रक्षा के लिए आगे आ सकता है।