
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने अपने नागरिकों के लिए गाजा और ईरान की यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इजरायल-ईरान के बीच तनावपूर्ण स्थिति और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर यात्रा सलाहकारियां जारी हो रही हैं।
एफसीडीओ ने इजरायल और फिलिस्तीनी क्षेत्रों में केवल जरूरी यात्राओं की अनुमति दी है, जबकि गाजा को पूरी तरह प्रतिबंधित घोषित किया गया। गाजा की सीमाओं से 500 मीटर के दायरे में प्रवेश न करने की सलाह दी गई है। वेस्ट बैंक के तुलकरम, जेनिन, टुबास गवर्नोरेट और रूट 90 पर भी यात्रा से बचें।
कब्जे वाले गोलन हाइट्स में अल्फा लाइन के साथ अलगाव क्षेत्र के 500 मीटर के अंदर कोई यात्रा न करें। सीरिया मार्ग से प्रवेश की कोशिश न करें। सतर्कता के तौर पर तेल अवीव से कुछ स्टाफ को इजरायल के अन्य हिस्सों में स्थानांतरित किया गया है। दूतावास सामान्य रूप से कार्यरत है, लेकिन हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।
इजरायल भर में मिसाइल व ड्रोन हमलों का खतरा बरकरार है। इंटरसेप्टेड मिसाइलों के मलबे तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे सहित क्षेत्र में गिर सकते हैं। 6 मई 2024 से राफा क्रॉसिंग पर इजरायली सेना के कब्जे के बाद गाजा से निकासी के रास्ते आम नागरिकों के लिए बंद हैं।
गाजा में फंसे ब्रिटिश नागरिक तत्काल संपर्क करें। हम इजरायली, फिलिस्तीनी और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षित निकासी सुनिश्चित कर रहे हैं। ईरान के लिए सलाह सख्त है—कोई यात्रा न करें। वहां ब्रिटिश या दोहरी नागरिकता वाले गिरफ्तारी के उच्च जोखिम में हैं।
ब्रिटिश सरकार का समर्थन सीमित है। इमरजेंसी में प्रत्यक्ष सहायता संभव नहीं। स्टाफ को वापस बुलाया गया है, दूतावास रिमोट से चल रहा। अमेरिका की इजरायल सलाह के बाद यह कदम और सतर्कता बरतने का संकेत है।