
अबू धाबी, 12 अप्रैल। पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच चली बातचीत के बेनतीजा समाप्त होने पर ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने गहरी निराशा व्यक्त की है। दोनों देशों ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सीजफायर को मजबूती से कायम रखने और बातचीत फिर शुरू करने पर बल दिया है।
ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने स्काई न्यूज से कहा, ‘इन चर्चाओं में सफलता न मिलना और ईरान के लंबे युद्ध का अंत न होना स्पष्ट रूप से निराशाजनक है। कूटनीति में असफलताएं आती रहती हैं जब तक सफलता न मिले। इसलिए प्रयास जारी रखना जरूरी है।’
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बयान जारी कर कहा, ‘इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता का समझौते के बिना समाप्त होना दुखद है। अब सीजफायर बनाए रखना और वार्ता की मेज पर लौटना प्राथमिकता होनी चाहिए।’
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने शर्तों वाली बातचीत को खारिज करते हुए कहा कि ईरान पर कोई शर्तें थोपी नहीं जा सकतीं। उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘ईरान के साथ हमारी या आपकी शर्तों पर कोई बातचीत सफल नहीं हो सकती। अमेरिका को यह सीखना होगा।’
इधर, ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, जासूसी के आरोप में कम से कम 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर संवेदनशील स्थलों, सेवा सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी साझा करने का इल्जाम है। छापों में इलेक्ट्रॉनिक्स, सैटेलाइट उपकरण और हथियार बरामद हुए।
पिछले साल अमेरिका-इजरायल के साथ 12 दिनों की जंग के बाद भी ऐसी गिरफ्तारियां हुई थीं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव के बीच सीजफायर की मजबूती ही शांति की कुंजी नजर आ रही है।

