
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को खुलासा किया कि ईरान ने अब तक उसके खिलाफ 186 मिसाइलें और 812 ड्रोन दागे हैं। मंत्रालय के अनुसार, हवाई रक्षा प्रणाली ने इन हमलों के अधिकांश को विफल कर दिया है, जिससे देश की सुरक्षा बरकरार रही।
रक्षा प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल नासिर मोहम्मद अल-हुमैदी ने विस्तृत आंकड़े साझा किए। 186 मिसाइलों में से 172 को बीच हवा में ही मार गिराया गया, 13 समुद्र में गिर पड़ीं और केवल एक अमीराती सरहद के अंदर गिरी। इसी तरह, 812 ड्रोनों पर नजर रखी गई, जिनमें 755 को ध्वस्त किया गया जबकि 57 सीमा क्षेत्र में गिरे।
इसके अतिरिक्त, आठ क्रूज मिसाइलों का भी पता लगाकर उन्हें नष्ट कर दिया गया। संघर्ष शुरू होने से अब तक यूएई में तीन मौतें हुई हैं, 68 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। आवासीय क्षेत्रों को हल्का नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा कि हवाई रक्षा पूरी तरह सजग है और सुरक्षा के हर उपाय किए जा रहे हैं।
मंगलवार को रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला भी चर्चा में रहा, जिसमें इमारत का एक हिस्सा जल गया। सऊदी अरब ने इसे कायराना कृत्य बताते हुए कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि यह 1949 के जिनेवा कन्वेंशन और 1961 के वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है।
सऊदी ने तेहरान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि उसके हवाई क्षेत्र या इलाके का ईरान पर हमलों के लिए उपयोग नहीं होने दिया जाएगा, फिर भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। यूएई की मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली ने संकट में देश को सुरक्षित रखा है।