
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने खुलासा किया कि अमेरिका ने एक विशाल नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर रवाना कर दिया है। फॉक्स बिजनेस के लैरी कडलो को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि तेहरान को अमेरिकी शर्तों पर समझौता करना होगा, वरना गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
ट्रंप ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सैन्य तैनाती का हवाला देते हुए कहा, ‘इस समय एक बड़ा बेड़ा ईरान जा रहा है। देखते हैं आगे क्या होता है।’ उन्होंने विश्वास जताया कि ईरान डील चाहता है, लेकिन यह अमेरिका की मुख्य मांगों—परमाणु हथियारों पर रोक, मिसाइल कार्यक्रम खत्म—पर आधारित होनी चाहिए।
पूर्व राष्ट्रपतियों ओबामा और बाइडेन की नीतियों पर हमला बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान को राक्षस बना दिया। ‘वह परमाणु समझौता सबसे बेवकूफी वाला था।’ उन्होंने पहले किए गए ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमलों का जिक्र किया और संकेत दिया कि जरूरत पड़ी तो दोबारा कार्रवाई हो सकती है।
ट्रंप ने अपनी रणनीति को सैन्य, आर्थिक दबाव और कूटनीति का मिश्रण बताया, जिसमें टैरिफ से आठ युद्ध सुलझाने का दावा किया। पश्चिम एशिया में ईरान की भूमिका ऊर्जा बाजारों, समुद्री रास्तों और भू-राजनीति को हिला रही है। भारत जैसे देश, जिनकी ईरान से गहरी आर्थिक निर्भरता है, हर कदम पर नजर रखे हुए हैं। चाबहार जैसे प्रोजेक्ट और खाड़ी सुरक्षा भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं।
जैसे-जैसे बेड़ा आगे बढ़ रहा है, दुनिया तेहरान के अगले कदम का इंतजार कर रही है। क्या ईरान झुकेगा या टकराव बढ़ाएगा?