
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लाने को नाटो के लिए वरदान बताया है। ट्रूथ सोशल पर जारी बयान में उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कदम नाटो को कई गुना मजबूत बना देगा। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ग्रीनलैंड जरूरी है, खासकर गोल्डन डोम परियोजना के लिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका न ले तो रूस या चीन हथिया लेंगे।
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में विकसित की गई सैन्य शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि बिना ग्रीनलैंड के नाटो कोई प्रभावी बाधा नहीं बन पाएगा। डेनमार्क के साथ तनाव बढ़ने के बावजूद ट्रंप अडिग हैं। वेनेजुएला के खिलाफ हालिया कार्रवाई को भी उन्होंने सफल बताया, जिससे 50 मिलियन बैरल तेल अमेरिका पहुंचा।
डेट्रॉइट इकोनॉमिक क्लब में दिए भाषण में ट्रंप ने कहा कि यह तेल रिफाइन होने से पेट्रोल के दाम गिर रहे हैं। कई राज्यों में प्रति गैलन दो डॉलर से कम हो गया है। दुनिया के सबसे बड़े जहाजों से तेल ढोया जा रहा है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति मजबूत हुई।
ट्रंप की यह रणनीति ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को जोड़ती है। ग्रीनलैंड विवाद नाटो की एकजुटता की परीक्षा लेगा।