
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने जल्दबाजी में कदम न उठाए होते, तो चीन या रूस वेनेजुएला के विशाल ऊर्जा भंडार पर अपना कब्जा जमा लेते। व्हाइट हाउस में तेल कंपनियों के प्रमुखों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को पुनर्जनन की मुहिम को विदेशी हस्तक्षेप रोकने का हथियार बताया।
ट्रंप ने कहा, ‘हमने सही समय पर एक्शन लिया, वरना वे वहां पहले ही पहुंच चुके होते।’ उन्होंने अमेरिका की व्यापारिक रुचियों को प्राथमिकता देते हुए कहा कि वेनेजुएला में तेल उत्पादन पर नियंत्रण अमेरिकी हितों के अनुरूप ही रहेगा।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वेनेजुएला दुश्मन शक्तियों का अड्डा बन गया था, जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा था। ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने भ्रष्टाचार और आर्थिक संकट की वजह से उत्पन्न मानवीय त्रासदी पर प्रकाश डाला।
ट्रंप ने सैन्य रणनीति की सराहना की, जिसमें बिना युद्ध के तेल आपूर्ति रोककर दबाव बनाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह तरीका चीन-रूस को महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रोकने का अमेरिकी मॉडल है।
लैटिन अमेरिका हमेशा से अमेरिका के लिए रणनीतिक महत्व का रहा है, जहां ऊर्जा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बिंदु है। ट्रंप का बयान अमेरिकी वर्चस्व की पुनर्स्थापना का संकेत देता है।