
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो मार्च को एक ऐतिहासिक समारोह में देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान मेडल ऑफ ऑनर से तीन सैनिकों को सम्मानित करेंगे। द्वितीय विश्व युद्ध, वियतनाम युद्ध और अफगानिस्तान संघर्ष के दौरान इन वीरों ने कर्तव्य से कहीं आगे की वीरता का प्रदर्शन किया।
मास्टर सर्जेंट रॉडी एडमंड्स को जर्मनी के स्टालैग आईएक्सए कैद शिविर में 1945 में नाजी क्रूरता के विरुद्ध खड़े होने के लिए मरणोपरांत सम्मान मिलेगा। यहूदियों को अलग करने के आदेश पर उन्होंने 1200 अमेरिकी कैदियों को एकजुट कर दिया। कमांडेंट की बंदूक के आगे नहीं झुके, युद्ध अपराध की चेतावनी देकर नाजियों को पीछे हटने पर मजबूर किया।
बाद में उन्होंने कैदियों को विद्रोह के लिए प्रेरित कर शिविर को सुरक्षित रखा।
स्टाफ सर्जेंट माइकल ओलिस को अफगानिस्तान के गजनी में 2013 के घातक हमले में साथियों को बचाने के लिए याद किया जाएगा। आईईडी, सुसाइड बॉम्बिंग और गोलीबारी के बीच उन्होंने बंकरों में सैनिक भेजे, घायलों की मदद की और दुश्मन को रोका। अंतिम क्षण में अधिकारी को बचाते हुए शहीद हुए।
कमांड सर्जेंट मेजर टेरी रिचर्डसन ने वियतनाम में 1968 में भारी गोलीबारी के बीच तीन बार घायलों को बचाया। दुश्मन चौकी पर स्नाइपर की गोली खाने के बावजूद सात घंटे हवाई हमले निर्देशित कर 85 जिंदगियां बचाईं।
मेडल ऑफ ऑनर गृहयुद्ध से चला आ रहा सम्मान है, जो असाधारण साहस के लिए दिया जाता है। 3500 से अधिक योद्धाओं को यह गौरव प्राप्त हो चुका।