
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति ने एक नया मोड़ ले लिया है। वेनेजुएला में निकोलस मादुरो को पकड़ने वाले सफल ऑपरेशन के तुरंत बाद, ट्रंप ने मैक्सिको को निशाना बनाते हुए ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ जमीन पर हमले की योजना का ऐलान किया। फॉक्स न्यूज पर शनिवार हानिटी के साथ बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि कैरिबियन में समुद्री रास्ते से आने वाली 97 प्रतिशत ड्रग्स को रोका जा चुका है। सितंबर 2025 से अब तक कम से कम 35 कार्टेल नौकाओं पर हमले हो चुके हैं।
ट्रंप ने मैक्सिको को कार्टेलों का गढ़ करार देते हुए कहा कि वहां की सरकार ड्रग्स और हिंसक अपराधियों को अमेरिका भेज रही है। वेनेजुएला पर भी यही आरोप लगाकर कार्रवाई की गई थी, जहां मादुरो को काराकास के उनके ठिकाने से हिरासत में लिया गया। ट्रंप का कहना है कि मैक्सिको का जो हाल हुआ है, वह बेहद दुखद है।
मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्र्रेंस में ट्रंप के बयान को महज बयानबाजी बताया। उन्होंने विदेश मंत्री जुआन रेमन डे ला फुएंते को अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से बात करने का निर्देश दिया, ताकि सहयोग बढ़ाया जा सके। मैक्सिको ने वेनेजुएला रेड की कड़ी निंदा की थी, इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया।
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के साथ भी तनाव रहा, लेकिन बुधवार को फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया। ट्रंप के इस रुख से लैटिन अमेरिका में हलचल मच गई है। क्या यह ड्रग्स के खिलाफ व्यापक अभियान की शुरुआत है? विशेषज्ञों का मानना है कि इससे द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन अमेरिकी जनता का एक बड़ा वर्ग ट्रंप के कदम का समर्थन कर रहा है। ओपिऑयड संकट से जूझ रहे अमेरिका में यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।