
वाशिंगटन। ईरान में जारी अशांति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता स्वतंत्रता की ओर अग्रसर है और ऐसी स्थिति कभी पहले नहीं बनी। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका हर संभव सहायता के लिए तैयार है।
ईरान के कई शहरों में दिसंबर के आखिर से विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। देश की मुद्रा रियाल की कीमतों में भारी गिरावट और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक कठिनाइयों ने लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। महंगाई और बेरोजगारी ने आम आदमी का जीवन कठिन बना दिया है।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में चेतावनी दी कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा हुई तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह जमीन पर सैनिक भेजने का मतलब नहीं, बल्कि ऐसी कार्रवाई होगी जो दुश्मन को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाए।
ट्रंप प्रशासन के इस रुख की ईरानी विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने इसे हस्तक्षेपपूर्ण बयान बताते हुए कहा कि यह जनता को भ्रमित करने की कोशिश है और अमेरिका की दुश्मनी को उजागर करता है।
ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों को स्वीकार किया है और आर्थिक समस्याओं के समाधान का वादा किया है, लेकिन हिंसा के खिलाफ सख्त चेतावनी भी जारी की। इस दौरान सेना ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा का भरोसा दिलाया। सरकारी मीडिया के जरिए सेना ने लोगों से एकजुट होकर दुश्मनों की साजिशों को विफल करने की अपील की।
सेना ने इजरायल और कुछ आतंकी गुटों पर शहरों में अशांति फैलाने का आरोप लगाया। कहा कि ये ताकतें विद्रोह भड़काने की फिराक में हैं। जनता से सतर्क रहने का आह्वान किया गया।
ट्रंप का यह बयान क्षेत्रीय समीकरणों को नई दिशा दे सकता है। ईरान का भविष्य अब आर्थिक सुधारों और बाहरी दबावों के बीच लटक रहा है।