
वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल निर्यात को पुनर्जीवित करने वाली अमेरिकी पहल की सराहना की है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया शानदार ढंग से आगे बढ़ रही है और जल्द ही तेल का निर्यात फिर शुरू हो जाएगा।
अमेरिका इस पूरे प्रयास का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें वैश्विक देशों को आमंत्रित किया जा रहा है। ट्रंप ने भरोसा जताया कि कई राष्ट्र वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीदना आरंभ करेंगे। हालांकि, भाग लेने वाले देशों, कीमतों या शुरुआती तिथि पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई।
वेनेजुएला दुनिया के विशालतम तेल भंडारों का मालिक है, लेकिन पिछले एक दशक में उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आर्थिक मंदी, जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों ने इसे झकझोर दिया। ट्रंप ने इसे बड़ी सफलता बताते हुए बेहतरी की उम्मीद जताई।
इधर अमेरिका में राजनीतिक विवाद उफान पर है। हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेट्स ने विटोल और ट्रैफिगुरा जैसी तेल कंपनियों से सवाल किए हैं। कैलिफोर्निया के सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने पत्र लिखकर 500 मिलियन डॉलर के सौदे पर मुनाफे और विटोल ट्रेडर जॉन एडिसन के ट्रंप अभियान को 6 मिलियन डॉलर चंदे का जिक्र किया।
गार्सिया ने इसे हितों का टकराव बताया और ट्रंप पर पद का दुरुपयोग, जनता को भ्रमित करने तथा वेनेजुएला के शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने मादुरो के खिलाफ सैन्य धमकी के बाद तेल कंपनियों को लाभ के अवसर देने का भी उल्लेख किया। कमेटी अब सैन्य जानकारी और कमाई के प्रबंधन पर जवाब मांग रही है।
ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना विवादों के घेरे में है, जो ऊर्जा क्षेत्र में नया दौर ला सकती है।