
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर क्यूबा को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि वेनेजुएला से मिल रही आर्थिक मदद अब कटने वाली है। अमेरिका से जल्द समझौता कर लो, वरना बहुत देर हो जाएगी। ‘जीरो! न तेल मिलेगा, न पैसा—सब शून्य!’ ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा।
क्यूबा दशकों से अमेरिकी पाबंदियों का शिकार रहा है। वेनेजुएला का सस्ता तेल और वित्तीय सहयोग ही उसकी जान है। अब अमेरिका वेनेजुएला के तेल निर्यात पर काबू पा चुका है, इसलिए क्यूबा की सप्लाई चेन आसानी से कट सकती है। ट्रंप इसी का फायदा उठा रहे हैं।
ट्रंप ने एक यूजर क्लिफ स्मिथ के पोस्ट को रीपोस्ट किया, जिसमें लिखा था—’मार्को रुबियो क्यूबा के राष्ट्रपति होंगे।’ साथ ही हंसते-रोते इमोजी। ट्रंप ने कमेंट किया, ‘ये आईडिया अच्छा लग रहा है!’ रुबियो के क्यूबा से निजी रिश्ते हैं—उनके माता-पिता क्यूबा के प्रवासी थे।
अमेरिका क्यूबा में सत्ता परिवर्तन या पूर्ण समर्पण चाहता है। यह बयानबाजी क्यूबा की कमजोर अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार है। ऊर्जा संकट और आर्थिक मुश्किलों से जूझते क्यूबा के पास अब विकल्प कम हैं। क्या हवाना झुक जाएगा या टकराव बढ़ेगा? कैरेबियाई राजनीति में बड़ा मोड़ संभव है।