
वाशिंगटन, 8 मार्च। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा कि एक हफ्ते के सैन्य संघर्ष ने ईरान की सैन्य शक्ति को करीब-करीब नेस्तनाबूद कर दिया है। 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल ताकत को बुरी तरह चूर-चूर कर दिया।
ट्रंप ने बताया कि ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है—44 जहाज डुबो दिए गए। वायुसेना के सारे विमान नष्ट। सबसे बड़ा झटका मिसाइल सिस्टम को—70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चर तबाह। ये महंगे सिस्टम दोबारा बनाना ईरान के लिए मुश्किल होगा।
ईरान के जवाबी हमले पहले दिनों की तुलना में अब सिर्फ 9 प्रतिशत रह गए हैं। नेतृत्व पर भी असर: ऊपरी कमांडरों से लेकर दूसरी पंक्ति तक साफ। अब अनजान चेहरे कमान संभाल रहे। ट्रंप ने कहा, ‘उनकी मिलिट्री लगभग समाप्त हो चुकी।’
कूटनीति पर फिलहाल ब्रेक—अमेरिका के पास मजबूत बढ़त है। ट्रंप बोले, ‘बहुत ज्यादा नेगोशिएटिंग लीवरेज है। वे डील चाहेंगे, लेकिन हम तैयार नहीं।’ पड़ोसी देशों से माफी मांगना ईरान का सरेंडर साबित करता है।
स्कूल हमले के आरोप झूठे, रूस की मदद का कोई सबूत नहीं। कुर्दों को शामिल न करने का फैसला। ट्रंप ने भविष्य पर कहा, ‘देश वैसा नहीं दिखेगा।’ मकसद: दुनिया को स्थायी सुरक्षा।