
ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ प्रदर्शनों को दो सप्ताह से अधिक हो चुके हैं। सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, जिसमें 8 जनवरी को पकड़े गए 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी देने का आदेश भी शामिल था। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि विश्वसनीय खुफिया जानकारी के अनुसार, ईरान में हत्याएं थम चुकी हैं और आशंकित फांसियां नहीं होंगी।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से रूबरू होते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें हाल ही में पता चला है कि फांसी की कोई योजना नहीं बची। उन्होंने कहा, ‘आज फांसी का दिन था, लेकिन हमें बताया गया है कि ऐसा नहीं होगा।’ यह जानकारी दूसरी ओर के महत्वपूर्ण स्रोतों से मिली, हालांकि विवरण गुप्त रखे गए।
ट्रंप ने पहले ईरान को चेताया था कि प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार बंद न हुए तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। वेनेजुएला घटनाओं के बाद ईरान पर हमले की अटकलें तेज हुईं, जिन्हें ट्रंप ने नकारा नहीं। सैन्य विकल्प पर उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं बताऊंगा कि मैं क्या करने को तैयार हूं। हम देखेंगे।’
ईरानी अधिकारियों के पालन पर ट्रंप ने सतर्कता बरती: ‘अगर ऐसा हुआ तो हम सब दुखी होंगे, और आप भी।’ सुरक्षा बलों व प्रदर्शनकारियों के बीच गोलीबारी की खबरें आ रही हैं, लेकिन फांसियों का रुकना सबसे बड़ी राहत है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह सही साबित हो।
प्रशासन स्थिति पर नजर रखेगा, बिना नई नीति की घोषणा के। यह बयान वेनेजुएला-ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों के बीच आया। ईरान का भविष्य अनिश्चित है, जहां ट्रंप की नजरें गड़ाए हैं।
