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ट्रंप सरकार का बड़ा कदम: 80,000 वीज़ा रद्द, आव्रजन उल्लंघन पर कार्रवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 20 जनवरी को पदभार संभालने के बाद से अब तक लगभग 80,000 गैर-आप्रवासी वीज़ा रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई विभिन्न उल्लंघनों के चलते की गई है, जिनमें नशे में...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|विदेश|
November 5, 2025
ट्रंप सरकार का बड़ा कदम: 80,000 वीज़ा रद्द, आव्रजन उल्लंघन पर कार्रवाई
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 20 जनवरी को पदभार संभालने के बाद से अब तक लगभग 80,000 गैर-आप्रवासी वीज़ा रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई विभिन्न उल्लंघनों के चलते की गई है, जिनमें नशे में गाड़ी चलाना, हमला, चोरी, और आव्रजन तथा विदेश नीति नियमों का उल्लंघन शामिल है।

कुल रद्द किए गए वीज़ा में से, लगभग 16,000 नशे में ड्राइविंग के लिए, 12,000 हमले के लिए, और 8,000 चोरी के मामलों के लिए रद्द किए गए। एक अधिकारी ने बताया कि इन तीन अपराधों के कारण इस वर्ष आधे से अधिक वीज़ा रद्द किए गए। प्रशासन ने वीज़ा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया की विस्तृत जांच और गहन पृष्ठभूमि स्क्रीनिंग सहित सख्त जाँच प्रक्रियाएं भी शुरू की हैं।

इसके अतिरिक्त, विदेश विभाग ने अगस्त में 6,000 से अधिक छात्र वीज़ा रद्द कर दिए थे। ये वीज़ा वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में रहने, अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने, या वीज़ा शर्तों के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल होने के कारण रद्द किए गए। कुछ मामलों में आतंकवाद के समर्थन के आरोप भी शामिल थे।

हाल ही में, विभाग ने उन कम से कम छह लोगों के वीज़ा भी रद्द कर दिए थे जिन्होंने ऑनलाइन रूढ़िवादी कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या के बारे में टिप्पणी की थी।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने मई में कहा था कि सैकड़ों, संभवतः हजारों वीज़ा अमेरिकी विदेश नीति से संबंधित चिंताओं के कारण रद्द किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों को अमेरिकी हितों के विरुद्ध माना जाता है, वे अपना वीज़ा खो सकते हैं।

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी राजनयिकों को वीज़ा आवेदकों में संभावित अमेरिकी-विरोधी भावना या राजनीतिक सक्रियता की बारीकी से निगरानी करने का भी निर्देश दिया है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि छात्र और ग्रीन कार्ड धारक यदि फिलिस्तीनियों का समर्थन करते हैं या गाजा में इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना करते पाए गए तो उन्हें निर्वासित किया जा सकता है। प्रशासन का तर्क है कि ऐसी कार्रवाइयां अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा मानी जा सकती हैं।

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