
वाशिंगटन, 8 मार्च। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के दौरान ईंधन कीमतों में उछाल की चिंताओं को सिरे से खारिज कर दिया। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वैश्विक तेल बाजारों में पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और किसी भी मूल्य वृद्धि का असर अस्थायी रहेगा।
ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई को 47 वर्ष पुरानी लंबित चुनौती का छोटा-सा समाधान बताया, जिसे पहले कोई राष्ट्रपति करने का साहस नहीं जुटा सका। उन्होंने आर्थिक प्रभावों पर हो रही चर्चाओं को निरर्थक ठहराया। ‘मुझे तेल कीमतों की अभी कोई चिंता नहीं है,’ उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा।
राष्ट्रपति ने भविष्यवाणी की कि बाजारों में प्रारंभिक प्रतिक्रिया के बाद जल्द स्थिरता लौट आएगी। अमेरिका में भारी तेल भंडार हैं और विश्व स्तर पर भी आपूर्ति मजबूत है। मिडिल ईस्ट के तनाव के बावजूद चेन बरकरार है।
वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम करने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिसमें रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व का इस्तेमाल शामिल हो सकता है। उन्होंने पिछली सरकारों की आलोचना की जो आपातकालीन भंडार को अभूतपूर्व निचले स्तर पर ले आईं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी बाधाओं पर ट्रंप का जवाब था, ‘यह जहाजों की मर्जी है।’ ईरान की नौसेना को पूरी तरह नेस्तनाबूद बता कर उन्होंने कहा कि अब कोई खतरा नहीं बचा। ट्रंप का यह रुख उनके आक्रामक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहां सैन्य सफलता को आर्थिक जोखिमों पर प्राथमिकता दी जा रही है।