
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के चुनाव प्रक्रिया में संघीय सरकार की भूमिका बढ़ाने का सख्ती से आग्रह किया है। व्हाइट हाउस में एक विशाल खर्च विधेयक पर हस्ताक्षर करने के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने उन राज्यों पर निशाना साधा जो चुनावों को निष्पक्ष और कानूनी ढंग से नहीं चला पाते।
ट्रंप ने स्पष्ट कहा, “चुनाव पूरी ईमानदारी से होने चाहिए। अगर कोई राज्य ऐसा नहीं कर पाता तो संघीय सरकार को हस्तक्षेप जरूर करना चाहिए।” उन्होंने राज्यों को संघीय सरकार के एजेंट करार देते हुए जोर दिया कि वोट गिनती में पारदर्शिता अनिवार्य है।
संविधानिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाने वाले पत्रकार के जवाब में ट्रंप ने कहा कि राज्य चुनाव करा सकते हैं लेकिन बेईमानी बर्दाश्त नहीं। उन्होंने डेट्रॉइट, पेनसिल्वेनिया, फिलाडेल्फिया और अटलांटा में भ्रष्टाचार के पुराने आरोप दोहराए।
वोटर आईडी कानून की मांग दोहराते हुए ट्रंप बोले, “वोटर आईडी कौन नहीं चाहेगा? सिर्फ धोखेबाज ही इसका विरोध करते हैं।” उन्होंने चुनावी सफाई को राष्ट्र शासन और जन विश्वास से जोड़ा।
आव्रजन पर सख्ती का बचाव करते हुए ट्रंप ने सर्च वारंट की जरूरत को खारिज किया। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने समर्थन देते हुए सैंक्चुरी सिटी नीतियों की निंदा की, जो 12 राज्यों में अवैध प्रवास को बढ़ावा दे रही हैं।
ग्राहम इन नीतियों को समाप्त करने वाले विधेयक लाने की तैयारी में हैं। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी कार्रवाइयों से सीमा उल्लंघन घटी है और हिंसक अपराध 1900 के बाद सबसे कम हैं। मिनेसोटा व कैलिफोर्निया में धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इसे पकड़ने से बजट घाटा अपने आप खत्म हो जाएगा।
ट्रंप का यह बयान चुनाव सुधारों पर बहस को नई गति देगा।