
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के लंबे शासन को समाप्त करने की कड़ी मांग की है। वाशिंगटन से जारी बयान में ट्रंप ने कहा कि देश में चल रहे आंदोलनों के बीच ईरान को नई लीडरशिप की आवश्यकता है। ‘ईरान में नया नेतृत्व ढूंढने का समय आ गया है।’
हफ्तों से ईरान की सड़कों पर लोग उतर आए हैं। राजनीतिक दमन, आर्थिक संकट और मानवाधिकार हनन के खिलाफ गुस्सा भड़क रहा है। ट्रंप ने मौजूदा शासन पर हिंसा और भय के सहारे राज करने का आरोप लगाया। उन्होंने व्यंग्य भरे लहजे में कहा कि हाल ही में 800 से अधिक लोगों को फांसी न देने का फैसला ही सबसे समझदारी भरा था।
ट्रंप ने खामेनेई को ‘बीमार व्यक्ति’ करार देते हुए ईरान की बर्बादी का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्ता बनाए रखने के लिए हजारों को मारना नेतृत्व की निशानी नहीं, बल्कि सम्मान पर आधारित शासन जरूरी है। अपना उदाहरण देते हुए ट्रंप ने कहा कि डर से नहीं, आदर से शासन चलता है।
उधर, खामेनेई ने ट्रंप को ‘अपराधी’ बताते हुए प्रदर्शनों को अमेरिका और इजरायल की साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर दंगाइयों को भड़काया। ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अशांति फैलाने वालों को सजा देगा।
ये बयानबाजी दोनों देशों के बीच तनाव को नई ऊंचाई दे रही है। क्या ईरान में बदलाव की हवा चलेगी या दमन और तेज होगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।