
वाशिंगटन। अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में आईसीई अधिकारी द्वारा एक महिला की गोली मारकर हत्या के मामले ने पूरे देश को हिला दिया है। सड़कों से लेकर गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स तक विरोध की लहर फैल गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस घटना पर आईसीई का पूरा समर्थन किया। उन्होंने मृतक रेनी निकोल गुड के व्यवहार को ही जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप ने कहा, ‘हमें कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सम्मान करना चाहिए। उस महिला ने आईसीई अधिकारी के साथ बेहद खराब बर्ताव किया। आप पुलिस, आईसीई या बॉर्डर पेट्रोल के साथ ऐसा व्यवहार नहीं कर सकते।’ उन्होंने गुड को ‘प्रोफेशनल उकसाने वाली’ करार देते हुए कहा कि वह इस तरह के कार्यों के लिए पैसे ले रही थीं और वह इसकी जांच कराएंगे।
बुधवार को 34वीं स्ट्रीट और पोर्टलैंड एवेन्यू पर गुड अपनी एसयूवी में थीं। अधिकारियों के मुताबिक, वह आईसीई एजेंट्स के काम में बाधा डाल रही थीं। गाड़ी से उतरने के निर्देश पर उन्होंने इनकार कर दिया और वाहन को हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की। आत्मरक्षा में एजेंट ने तीन गोलियां चलाईं।
होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने बताया कि गुड का यह कृत्य जानलेवा था। ट्रंप की सख्त आव्रजन नीतियों के दौर में यह घटना विवादों को नई ऊंचाई दे रही है। मिनेसोटा में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अधिकारी ने सही किया।
यह मामला आव्रजन प्रवर्तन, अधिकारी सुरक्षा और नागरिक व्यवहार पर बहस छेड़ रहा है। जांच जारी है, लेकिन ट्रंप का रुख स्पष्ट है—कानून हाथ का नहीं। आने वाले दिनों में इसकी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलेंगी।
