
फ्लोरिडा में आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार ने कूटनीतिक चालों और सैन्य कार्रवाइयों से वैश्विक राजनीति का चेहरा बदल दिया है। 17 जनवरी को दिए गए इस भाषण में उन्होंने विदेश नीति की बड़ी सफलताओं और आर्थिक उछाल का जिक्र किया।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका के विदेशी कदमों से तुरंत और साफ नतीजे मिले। उन्होंने मध्य पूर्व में शांति की उपलब्धि पर गर्व जताया, जो किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। एक साल में कई महत्वपूर्ण समझौते हो गए।
उन्होंने भारत-पाकिस्तान जैसे परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच टकराव रोकने का श्रेय लिया, जिससे लाखों जिंदगियां बच गईं। ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ से नेस्तनाबूद कर दिया गया। आईएसआईएस प्रमुख और जनरल सुलेमानी जैसे आतंकी सरगनाओं को धूल चटा दी गई, जिससे अमेरिका की सुरक्षा मजबूत हुई।
वेनेजुएला के निकोलस मादुरो को पकड़ने का भी ट्रंप ने बखान किया, उन्हें अपराधी बताते हुए कहा कि यह किसी और देश का बस की बात नहीं। इससे क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ेगी।
आर्थिक मोर्चे पर 18 ट्रिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आकर्षित हुआ। टैक्स कट, नियम सरलीकरण और टैरिफ से मैन्युफैक्चरिंग में ऐतिहासिक उछाल आया। कारखाने तेजी से बन रहे हैं, खासकर ऑटो और टेक क्षेत्रों में। शेयर बाजार चरम पर, रिटायरमेंट फंड मजबूत।
दक्षिणी सीमा को अभेद्य बना दिया गया। अवैध घुसपैठ रुकी, अपराधी और गैंग्स पर सख्ती, लेकिन कानूनी आव्रजन जारी। ट्रंप का संदेश साफ- अमेरिका अब दुनिया का निर्विवाद नेता है।