
वॉशिंगटन, 25 फरवरी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में फिर से दावा किया कि उन्होंने आठ युद्धों को रोका है। खासतौर पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी दखलंदाजी न होती तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की जान चली जाती।
मंगलवार को व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि पहले दस महीनों में कंबोडिया-थाईलैंड से लेकर पाकिस्तान-भारत तक के संघर्ष खत्म किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि परमाणु युद्ध की कगार पर अगर हस्तक्षेप न होता तो तीन करोड़ लोग मानते कि पाक पीएम मर जाते। कुछ महीने पहले शहबाज शरीफ ने खुद स्वीकारा कि 3.5 करोड़ पाकिस्तानी मारे जाते।
ट्रंप ने कोसोवो-सर्बिया, इजरायल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया, आर्मेनिया-अजरबैजान, कांगो-रवांडा और गाजा जैसे विवादों का भी जिक्र किया। अमेरिका में एक साल के नेतृत्व को ऐतिहासिक बदलाव बताया। कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि अब पीछे मुड़ना मुमकिन नहीं।
यह भाषण रिकॉर्ड तोड़ने वाला हो सकता है, जो डेढ़ घंटे से ज्यादा चले। 1776 के सिद्धांतों का हवाला देते हुए ट्रंप ने हर बच्चे के लिए अवसर, जवाबदेह सरकार और मेहनतकशों की प्राथमिकता का वादा किया। अर्थव्यवस्था में कारखाने, नौकरियां और निवेशों की बाढ़ आने की भविष्यवाणी की।
ट्रंप का ‘अमेरिका फर्स्ट’ नारा गूंजा। वैश्विक शांति और घरेलू समृद्धि का संदेश देते हुए भाषण समाप्त हुआ, जो उनके कार्यकाल को नई ऊंचाइयों पर ले गया।